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Tuesday, April 29, 2008

जब कैरी पहली बार beach पर गया


कैरी को आए कुछ ही दिन हुए थे पर जब से कैरी आया था हम लोगों का घूमना-फिरना बंद हो गया था क्यूंकि कैरी को हर जगह लेकर जा नही सकते थे और घर मे उसे अकेले छोड़ नही सकते थे। एक बार कैरी अकेले घर मे छोड़ कर हम लोग डिनर करने बाहर चले गए थे तो कैरी कमरे की खिड़की से निकल कर बाहर टैरस पर चला गया था और खूब जोर-जोर से भौंक रहा था।और जैसे ही हम लोग गाड़ी से आए की एक पड़ोसी ने हम लोगों को बताया की आपका doggi बहुत देर से भौक रहा था उसे अकेले ऐसे छोड़ कर नही जाना चाहिए। बाद मे पता चला की उन पड़ोसी के पास भी doggi है।

खैर तो ऐसे ही एक सन्डे को हम लोगों ने calangute beach जाने का कार्यक्रम बनाया। और ये तय किया की अबकी कैरी को भी लेकर जायेंगे जिससे उसकी घूमने और गाड़ी मे बैठने की भी आदत पड़ जाए। पर पहली बार बाहर लेकर जाने मे हम लोगों को भी डर लग रहा था कि पता नही वो कैसे बिहेव करेगा। जैसे ही कार चली की कैरी महाशय थोडी देर तो चुप रहे और उसके बाद भौंकना शुरू कर दिया।कैरी थोडी देर चुप रहता और फ़िर कूं-कूं करने लगता। खैर २० मिनट मे beach पर पहुंचे तो वहां लोगों को देख कर कैरी राम घबडा ही गए। और जब कैरी को पानी के पास ले गए तो वो पीछे की तरफ़ भागने लगा। खैर हम सब ने उसे थोडी देर पानी के पास बिठाया और फ़िर कैरी का डर थोड़ा कम हुआ ।

beach पर कुछ लोग तो कैरी को देख कर डर जाते तो वहीं जिन्होंने doggi पाले हुए थे वो कैरी को प्यार करने लगते थे।थोडी देर बाद कैरी को भी मजा आने लगा था। और beach से वापिस लौटने मे कैरी राम इतना थक गए थे कि वो बेटे के पैर पर ही सो गए।

Wednesday, April 2, 2008

कैरी के मॉर्निंग वाक् के साथी

पिछली पोस्ट मे हमने कैरी का परिचय और कैरी की ट्रेनिंग का जिक्र किया था तो आज कैरी के कुछ morning walk के साथियों से आप लोगों को मिलवाते है।अब यहां गोवा मे तो हर घर मे ही एक-दो doggi रहते है। कैरी की walk की ट्रेनिंग के बाद हम ने और पतिदेव ने उसे लेकर walk के लिए निकलना शुरू किया। पहले हम लोग शाम को बस थोडी दूर ही जाते थे पर फ़िर धीरे-धीरे कैरी को भी walk मे मजा आने लगा था तो हम लोगों ने morning walk के लिए जाना शुरू किया।अब तो walk कहते ही कैरी दौड़ कर बाहर जाकर खड़े हो जाते है। तो चलिए कुछ कैरी के दोस्तों से मिलवाते है।

पहले सड़क के और जिस घर के सामने से निकलते थे वहीं से जोर-जोर से भौकने की आवाजें आने लगती थी। और अब तो ये आलम है की कैरी हर घर हर गली जहाँ उनके ये साथी रहते है वहां रुक कर अपने दोस्तों को हेलो करना नही भूलते है।क्या कहा यकीन नही आ रहा है। अरे ये देखिये कैरी गेट के सामने खड़े है और उनका साथी उन्हें सुबह-सुबह सारी ख़बर दे रहा है।


और वहां से आगे चलने पर ये मिलते है । ये बहुत ही ज्यादा शोर करता है। और पूरी सड़क पर अपना राज समझते है।



दाहिनी ओर वाली फोटो मे तीन doverman दिख रहे है। इनकी खासियत ये है की ये तीनो एक-दूसरे को सपोर्ट करते हुए भौंकते है। पहले इस जगह से और फ़िर गेट पर आकर भी भौंकते है। पर पिछले डेढ़ साल से कैरी को देखते है इसलिए अब सिर्फ़ फोर्मलिटी ही करते है भौंकने की।और बस हालचाल पूछ लेते है।


और ये कुछ मिक्स breed है boxer की । ये बहुत ही खूंखार टाइप है। इसका ये हाल है की ये घर वालों के कंट्रोल मे भी नही रहता है।





और ये छोटे-छोटे उस कहावत को दर्शाते है की सूप तो सूप चलनियों बोल। और मजा ये की जब कैरी चलते रहते थे तो ये भौंकते थे पर जैसे ही कैरी रुक कर मुड़ते की ये सारे के सारे भाग कर दूर चले जाते थे।







अब इस फोटो मे जो तीन दिख रहे है मॉर्निंग वाक के अंत मे इन्ही से कैरी की हेलो होती है। ये तीनो कैरी को देखते ही भौंकना शुरू कर देते है और हमारे कैरी महाशय बैठकर उन्हें देखते-सुनते है ।



और अब तो आलम ये है की कैरी सुबह-सुबह गाना गाकर हम लोगों को उठा देते है है walk के लिएमजाल है की कोई सुबह सोता रह जाएअब तो एक रूटीन बन गया है हफ्ते के पाँच दिन तो हम लोग कैरी को अपने मोहल्ले मे ही walk कराते है पर शनिवार और रविवार को कैरी beach पर walk के लिए जाते हैजहाँ कैरी को बहुत मजा आता है