
जब भी हम लोग उसके साथ खेलते है तो जोर से बॉल को उछालते है(किक करते है) और कैरी उसे पकड़ने के लिए दौड़ता है और अगर हम लोग जरा सा चूक जाते है बॉल पकड़ने मे और बॉल कैरी को मिल जाती है. और जब वो बॉल ले लेता है तो छोड़ता नही है। कभी बॉल को मुंह मे लेकर इधर भागता

और तब उसका ध्यान हटा कर बॉल लेनी पड़ती है और अगर किक करने मे जरा देर की नही की कैरी बिल्कुल पास आकर बॉल पर कुछ ऐसे पैर रख देता है । :)
3 comments:
आपका कैरी बहुत ही प्यारा है.. :)
:) कैरी को भी यूरो कप का नशा..बहुत खूब.
मानव का इनसे अच्छा दोस्त, इस संसार में कोई हो ही नही सकता, यह मूक जरूर हैं मगर इनकी आंखे सब कुछ बोल देती हैं, इन बेजुबान दोस्तों के सामने कई बार महसूस होता है की शायद जानवर हम हैं और यह इंसान ! मगर हम इंसानों ने इन्हे कितना बुरा बना कर समाज के सामने पेश किया है ! आपने यह ब्लॉग बना कर बड़ा अच्छा कार्य किया, अनुरोध है की लिखते रहें इन मासूमों के प्रति हमारी यही एक अच्छी अभिव्यक्ति रहेगी ! धन्यवाद !
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