वो कहते है ना की जीव-जंतु अपनी छोटी-मोटी बीमारी का इलाज ख़ुद ही कर लेते है। और वो भी बिल्कुल प्राकृतिक तरीके से। (नेचुरोपैथी )
और अब कैरी को भी हम देखते है की जब कभी कैरी की तबियत ख़राब होती है तो वो बाहर जाकर ढूंढ -ढूंढ कर
कुछ ख़ास तरह की घास-फूस और पत्तियां खाता है।पर अगर हम लोग उसे वही पत्ती तोड़ कर खिलाने लगते है तो वो नही खाता है शायद सोचता हो की कहीं कुछ गड़बड़ पत्ती ना खिला दे। :)पर ऐसा नही है की हमेशा सिर्फ़ अपनी बीमारी के इलाज के लिए ही कैरी पत्ती खाता है अब जैसे इस फोटो मे हम लोग बैडमिन्टन खेल रहे थे तो कैरी को बाँध दिया था क्यूंकि वरना कैरी शैटल कॉक लेकर ही भाग जाता था। तो गुस्से मे कैरी ने आव-देखा ना ताव बस दीवार मे उग आई इन पत्तियों को ही खाने लगा और हम लोगों को उसे खोलना पड़ा । कैरी को भी ब्लैकमेल करना आता है। :)

2 comments:
अच्छा लगा पढ़ कर....
keep it up carry !!
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